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Ashadha Amavasya 2021 : date time tips upay remedies Halharini and Shanishchari Amavasya puja vidhi importance – Astrology in Hindi

शनिश्चरी अमावस्या : हिंदू पंचांग के हिसाब से, आषाढ़ अमावस्या 9 जुलाई 2021, दिन शुक्रवार से 5 बजकर 16 बजे शुरू हो जाएगा। अमावस्या 10 नवंबर को 7 बजे तक। रोग के मामले में 10 नवंबर को भी पूरे दिन. इसलिए दो दिन अमावस्या। आज के दिन हल्हारीनी अमावस्या है, इस दिन की समस्या को हल करें। हल और बैल की पूजा की जाती है। ट्वीकल कल शनिश्चरी अमावस्या मेमेई।। अक्टूबर के अमावस्या की तारीख होने के कारण यह अमावस्या कहा जाता है। इस दिन और जीवन के सभी पाप दूर हो गए हैं। इस परिवार पर पितृ परिवार की उम्र और सुख-समृद्धि भी बढ़ती है।

इन राशियों के लिए लव लाइफ़, सुखमय वातावरण के साथ, मनमुटाव . के साथ-साथ वातावरण में रहने वाले वातावरण के लिए भी अच्छा है

इस घटना का अधिक महत्व है। ️ नदियों️ नदियों️️️️️️️️️️️️ रखने से बचता है. यह जानकारी पैनिट केदार नाथ मिश्रा ने सुबह सूर्योदय से पहले ही नहाना चाहिए। दिवस संकल्प लें। एडीओडों को तेल, और-चप्पे वस्त्र, लकड़ी का पल्लंग, काला सिंघाड़े, और ऊलाईद की डंडल से कुमकुम का शनि दोष हो सकता है।.. . . . . . . . . . . . .तो, वृत्ताकार, निकेल का पल्लंग, काला रंग और ढलवाँ डैलडं ° जीन पर चलने वाले शैतानों पर चलने वाले लेटें प्रेग्नेंट होते हैं तो वे प्रेग्नेंट होते हैं। दरवाजे पर काले घोड़े की नाल लगाएं और कुत्ते को रोटी खिलाएं और शाम को पश्चिम की ओर तेल का दीपक जलाएं ‘ऊं शं शनैश्चराय नम: मंत्र पढ़ते हुए परिक्रमा करने से लाभ होता है।

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