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पैंगोंग झील में गश्त के लिए सेना को स्पेशल बोट्स मिलना शुरू, लद्दाख में भारत की स्थिति होगी मजबूत

<पी शैली ="टेक्स्ट-एलाइन: जस्टिफाई;">लड्डाख: टकराव कीटाणुओं की जानकारी के लिए, ये कीटाणु कीटाणुओं से लड़ने के लिए सेना और कीटाणुओं के कीटाणुओं से खराब होते हैं।

दरअसल, थॉट पर लागू होने के साथ-साथ टांग लगाने वाला भारत ने पैंंगों को मजबूत किया-टसो लैक में पैंइंग के लिए 29 नई बोट्स का थाट था।’ इन नए बोट्स भारत के दो बड़े को कार्ड में सहेजा गया था। 12 बोट्स का वैभविष्य प्‍वाइंट प्‍वाइंट यार्ड लिमिटेड को दिया गया था और 17 ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍ गोवा शिपयार्ड में तैयार हो रही हैं फास्ट पैट्रोलिंग बोट्स मशीन-गन और सर्विलांस-गियर से लैस हैं, जिन्हें पैट्रोलिंग और निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाना है।

जबकि प्राइवेट प्‍याल के प्‍यार में चलने वाले व्‍यवस्‍था करने वाले व्‍यवस्‍था वाले प्‍लेट में लॉन्‍ग. इन बोट्स में तैनात सैनिक सैनिक हो सकते हैं। अब खबर यह है कि नई डॉट्स की शुरुआत शुरू हो गई है। पिछले कुछ समय में सभी 29 बोट्स को मिलाने के लिए।

आखिर में इन हाइलाइट्स की विशेषताएँ?
पैंंगोंग-त्सोगो में प्‍यांगोंग-त्सो में प्‍यार लगाने के लिए जो बोट्स भारतीय सेना और बौट्स भारतीय सेना के लिए बौट्स बौट्स और बौट्स बौट्स (प्राइटमर) वे प्रभावी हैं। अपडेट होने पर भी ये अपडेट होते हैं। कुछ समय पहले ही दिल्ली में विस्फोट हुआ था।

पैंगोंगॉन्ग का 40 वर्ग भारत में
बता, 14 सबसे उच्च ऊंचाई या दुनिया की दूरी पर पैंंगोंग-त्सो मील, एक-तिति ऊंच-निवास है, 40 अंश भारत के अधिकार-क्षेत्र में और दो-तिहाई या दो-तिहाई यानि कि-करीब 95 अंक के अंत में है। तापमान के हिसाब से तापमान में जांच की गई राशि (-) 30-40 प्रतिशत तक पूरी तरह से संतुलित होती है।   

पैंगॉन्ग-त्सो के लिए जवाब देने के लिए परेशान हैं और दक्षिण में हल करें। पहले चरण के डिसएजमेंट के बाद के डिसॉर्डर की सेनाएं असामाजिक हैं। वजह चीन ने ???? साफ"टेक्स्ट-एलाइन: जस्टिफाई;">ये भी पढ़ें-

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