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Apara Ekadashi 2021 Kab Hai: When is Apara Ekadashi 2021June Date in India Know Subh Muhurat and Puja Vidhi

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा या अचला एकादशी हैं। सल अपरा एकादशी 06 इस नवंबर को। हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। हर कृष्ण और शुक्ल में एकादशी व्रत है। ऐसे में हर बजते हैं। अपरा एकादशी का वसीयतनामा करने वाले व्यक्ति के मामले में। भक्त की सभी मनोवृत्तियों में होने वाले होने वाले हैं।

एकादशी के दिन खाने की चीजें खाने की जरूरत होगी। कहा जाता है ऐसा करने से मन में अशुद्धता आती है। सुन कि पांडवों ने महाभारत काल में एकादशी की महिमा श्रीकृष्ण के मुख से सुनी थी। विजय प्राप्त करने के लिए श्री कृष्ण के मार्गदर्शन में विजय प्राप्त की।

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अपरा एकादशी की स्थिति-

अपरा एकादशी के दिन में मीन राशि और सूर्य वृषभ राशि है। सूर्य नक्षत्र रोहिणी और नक्षत्र पद अश्विनी और भरणी.

अपरा एकादशी के शुभ मुहूर्त-

ब्रह्म मुहूर्त- 03:34 ए एम से 04:16 ए एम तक।
अभिजित मुहूर्त- 11:19 ए एम से 12:14 पी एम तक।
विजय मुहूर्त- 02:03 पी एम से 02:58 पी एम तक।
गोधूलि मुहूर्त- 06:23 पी एम से 06:47 पी एम तक।
अमृत ​​काल- 06:22 पी एम से 08:10 पी एम तक।
निशिता मुहूर्त- 11:26 पी एम से 12:07 ए एम, जून 07 तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग- 04:57 ए एम से 02:28 ए एम, नवंबर 07 तक।

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अपरा एकादशी पूजा विधि-

एक दिन पहले सुबह उठकर स्‍नैन के एक शुद्ध वस्‍त्र ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍), मैं आपसे पहले उठकर स्‍वादिष्‍ट करना चाहता था।
– बाद के घर में पूजा से पहले एक वेदी, अनाज, चना, जौ, चावल और अन्य।
– वेडि के लिए एक कलश की स्‍थापना करें और लॉन्‍च करें।
– अब वेदी पर विष्णु विष्णु की मूर्ति या तस्वीर।
-संपादक विष्‍णु को फूल, मौसम फल और तुलसी दल.
– धूप-दीप से विष्नु की आरती फिरें।
– शाम के समय विष्‍णु की आरती कीट के बाद फलाहार करें।
-रात के समय सोए ही भजन-कीर्तन और जागरण करें।
– सुबह के समय ब्राह्मण को भोजन और जन्म-शक्ति दिन-दक्षिणा विदा करें।
– अपने स्वयं के विशेष व्रत का पालन करें.

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