Breaking News

Aftab got fever polygraph test had to be stopped midway

ऐप पर पढ़ें

श्रद्धा वाकर मर्डर मामले के खुलासे से हर कोई हैरान है। मामले के और करीब आने के लिए आफताब का पोलीग्राफ टेस्ट दस्तावेज़ीकरण किया जा रहा है। पिछले मंगलवार को पुलिस ने आफताब का एक बार पॉलीग्राफ टेस्ट फाइल किया था। आज यानी 24 नवंबर को दूसरे राउंड का पॉलीग्राफ टेस्ट हो रहा था जो पूरा नहीं हो सका। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट चल रहा था तभी अचानक उन्हें बुखार हो गया। बुखार हो जाने की वजह से टेस्ट को बीच में ही इसकी वजह पड़ गई। पुलिस ने बताया कि कल वापस से आफताब को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) लाया जाएगा और उसका पॉलीग्राफ टेस्ट पूरा किया जाएगा। बता दें कि दूसरे राउंड के इस पॉलीग्राफ टेस्ट में 8 घंटे के आसपास समय सीमा हो सकती है।

इस बीच ही रुका टेस्ट
सरल हो कि कल बुधवार को भी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में आफताब को राउंड-2 पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए लाया गया था। टेस्ट के लिए फिट नहीं पाए जाने के कारण कल आफताब का टेस्ट नहीं हो सका। आज टेस्ट चल रहा था लेकिन इसी बीच उन्हें बुखार हो गया। इस वजह से पॉलीग्राफ टेस्ट को इस बीच बातें हुईं। यानी दो दिनों से आफताब का राउंड-2 पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं हो रहा है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के पीआरओ संजीव के गुप्ता ने बताया कि कल फिर से आफताब को लाया जाएगा और उनका पॉलीग्राफ टेस्ट ऑडिट किया जाएगा।

होने वाला था नार्को टेस्ट लेकिन…
आफताब के नार्को टेस्ट पर कमीशन कोर्ट ने दिया था। 21 नवंबर को उनका नार्को टेस्ट होने वाला था। लेकिन बाद में पता चला कि नार्को टेस्ट से पहले उसका पॉलीग्राफ टेस्ट आएगा। इससे पहले आफताब का एक राउंड पॉलीग्राफ टेस्ट हो चुका है। पिछले दो दिनों से उनके दूसरे राउंड का टेस्ट नहीं हो रहा है। आज इस बीच ही टेस्ट को बंद करना पड़ा क्योंकि उन्हें बुखार आ गया था। पोली टेस्ट पूरा हो जाने के बाद ही आफताब का नार्को टेस्ट हो सकता है।

क्या होता है पॉलीग्राफ टेस्ट?
पॉली टेस्टग्राफ को आसान भाषा में लाइट डिडिटेक्टर टेस्ट भी कहा जाता है। क्या आपने ध्यान दिया है कि झूठ बोलना हमारे शरीर में कई तरह का बदलाव आ जाता है? कुछ बदलाव जैसे पसीना आना, कपकपी होना तो हमें झलकते हैं लेकिन कई ऐसे बदलाव भी होते हैं जो शरीर के अंदर आते हैं। इन्हीं तथ्यों को जानने के लिए एक मशीन का उपयोग किया जाता है। यह मशीन शरीर के अंदर जाने को मॉनिटर करती है।

यह भी पढ़ें- पॉलीग्राफ टेस्ट और नार्को टेस्ट में क्या फर्क है?

झूठ बोलने वाले शरीर के अंदर क्या बदलाव आते हैं?
फिर भी आप कितने भी विश्वास के साथ झूठ क्यों न बोलें आपके शरीर में कई तरह के बदलाव आ जाते हैं। मसलन, आपका हार्ट रेट बढ़ने या घटने लगता है, सांस लेने की गति में भी बदलाव आ जाएगा, ब्लड प्रेशर में एक्सट्रैक्शन होने लगेगा, आदि। यह सभी मिरर्स को एक कंप्यूटर के मॉनिटर पर देखा जा सकता है। इसके लिए सब्जेक्ट के शरीर पर कई तार लगते हैं। इन स्टार्स से ही शरीर के अंदर की गतिविधि मॉनिटर की जाती है। एक बात ध्यान रहे, पॉलीग्राफ टेस्ट में सब्जेक्ट को किसी तरह की दवाई या इजेक्शन नहीं दिया जाता। वहीं नार्को टेस्ट में बेहोशी का इंजेक्शन दिया जाता है।

बता दें कि आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। पूरे देश में इस मामले को लेकर लोगों में एक रोष है। लोग चाहते हैं कि यह केस जल्दी सॉल्व हो जाए और पंच को सजा मिले। ऐसे में यह दृश्य होगा कि पॉलीग्राफ टेस्ट में क्या सामने आता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button