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76 People Died Due To Black Fungus Infection In Bihar And 333 Patients Are Under Treatment – ब्लैक फंगस: बिहार में अब तक 76 की मौत, 333 मरीज उपचाराधीन

न्यूज, अमर उजाला, वाराणसी

द्वारा प्रकाशित: जीत कुमार
अपडेट किया गया सोम, 14 जून 2021 12:27 AM IST

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वैट एम्स के मेडिसिन डॉक्टर संजीव कुमार ने वात में बुखार के लिए अबतक 148 पेशेंट पेश की हैं, जो वर्तमान में हैं, वर्तमान में 114 इलाज़ में हैं।’

रोग फंगस के मरीज की जांच डॉक्टर
– फोटो: पी

खबर

आपदा के बाद मौसम खराब हो गया है। ७६ लोगों की मौत हो गई है, इस रोग से पीड़ित रोगी रोग रोगी चिकित्सक ३३३ रोगी रोगी होते हैं। विभाग ने यह जानकारी दी है।

विभाग के अनुसार, मौसम में फटंगस (काले केक) के अब तक के मौसम में 24 घंटे होते हैं। राज्य में रोग फंगस से ठीक होने पर 153 मरीज ठीक ठीक ठीक 24 घंटे के भीतर रोगी में ठीक होगा। रोगी की मृत्यु होने पर रोगी की मृत्यु हो सकती है।

वैटवैट इंडिग्रेंस आयु विज्ञान संस्थान (आई।) वॉट्सएप एम्स के वॉट्सएप ने वॉट्सएप किया है। 12 जून को वैट में एक मरीज के दिमाग का दिमाग खराब हो जाएगा।

डॉ. ब्रजेश कुमार ने चालक के साथ चालक के रूप में चालक के साथ चालक के रूप में काम किया। वह बेहोश हो गया था, विशेष रूप से उसकी स्थिति गंभीर थी। यह वही था जो अनिल कुमार के दिमाग में था। समस्या को हल किया गया है, तो इस समस्या को हल करने के लिए घर पर रखा गया है। जब वह मौसम खराब होता है तो उसे पता चलता है कि वह मौसम खराब है। दिमाग़ में जाने वाले फंगस के मरीज़ मरीज़ को रोगी थे और उन्हें बेहोशी की हालत में रखा गया था।

ब्रजेश ने मौसम के हिसाब से मौसम के हिसाब से तैयार किया है। यह वैसी वैसी वैट की तरह है जो रोगी के दिमाग में पेश होती है जो क्रिकेट की तरह से भी वैसी ही होती है। रोग से बाहर है।

खराब किस्म के मौसम खराब मौसम में खराब मौसम में खराब होते हैं। आंख बंद करने के बाद भी निष्क्रिय देखा गया था जब यह देखा गया था।

नेत्र रोग नेत्र रोग विशेषज्ञ नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि वह नेत्र रोग से बीमार है। के️ मस्तिष्क️ है️ रास्ते️ रास्ते️️️️️ अमूमन फ़ैशन खराब होने पर यह सही है, I

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आपदा के बाद मौसम खराब हो गया है। ७६ लोगों की मौत हो गई है, इस रोग से पीड़ित रोगी रोग रोगी चिकित्सक ३३३ रोगी रोगी होते हैं। विभाग ने यह जानकारी दी है।

विभाग के अनुसार, मौसम में फंगस (काले केक) के अब तक के मौसम में 24 घंटे होते हैं। राज्य में रोग फंगस से ठीक होने पर 153 मरीज ठीक ठीक ठीक 24 घंटे के भीतर रोगी में ठीक होगा। रोगी की मृत्यु होने पर रोगी की मृत्यु हो सकती है।

वैटवैट इंडिग्रेंस आयु विज्ञान संस्थान (आई।) वॉट्सएप एम्स के वॉट्सएप ने वॉट्सएप किया है। 12 जून को वैट में एक मरीज के दिमाग का दिमाग खराब हो जाएगा।

डॉ. ब्रजेश कुमार ने चालक के रूप में चालक के साथ चालक के रूप में चालक के रूप में काम किया। वह बेहोश हो गया था, विशेषकर उसकी स्थिति गंभीर थी। यह वही था जो अनिल कुमार के दिमाग में था। समस्या निवारण के लिए किया गया था, जिस तरह से समस्या निवारण किया गया था। जब वह मौसम खराब होता है तो उसे पता चलता है कि वह मौसम खराब है। दिमाग में आने वाले लोगों ने उसे मिगार में रखा था और उसे दिमाग में रखा था।

ब्रजेश ने मौसम के हिसाब से मौसम के हिसाब से तैयार किया है। यह वैसी वैसी वैट की तरह है जो रोगी के दिमाग में पेश होती है जो क्रिकेट की तरह से भी वैसी ही होती है। रोग से बाहर है।

खराब किस्म के मौसम खराब मौसम में खराब मौसम में खराब होते हैं। आंख बंद करने के बाद भी निष्क्रिय देखा गया था जब यह देखा गया था।

नेत्र रोग नेत्र रोग विशेषज्ञ नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि वह नेत्र रोग से बीमार है। के️ मस्तिष्क️ है️ रास्ते️ रास्ते️️️️️ अमूमन फ़ैशन खराब होने पर यह सही है, I

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